Wednesday, August 20, 2008

ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं.............(इज्ज़त)

2 comments:

Dr. Ravi Srivastava said...

“बदलना आता नही हमको मौसमो की तरह
हर एक रूप मे तेरा इन्तेज़ार करते है
ना तुम समेट सकोगी जिसे क़यामत तक
कसम तुम्हारी तुम्हे इतना प्यार करते है.”
आप मेरे ब्लॉग पर आए, शुक्रिया.
मुझे आप के अमूल्य सुझावों की ज़रूरत पड़ती रहेगी.

...रवि
http://meri-awaj.blogspot.com/
http://mere-khwabon-me.blogspot.com/

seema gupta said...

"hum kya kren, thumhe keh do ab ai jane vfa hum kya krein"

Regards