Sunday, August 24, 2008

पिया बसंती रे काहे सतावे आजा...........(उस्ताद सुलतान खान और चित्रा)

2 comments:

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर गीत ! बहुत आनंद आया !
धन्यवाद !

दिलीप कवठेकर said...

अभी कहीं यह गीत उडता उडता सा सुना था. यहां तो मय दृश्य श्रवण माध्यम में मिल गया. धन्यवाद.