Monday, August 4, 2008

बाबुल की दुआये लेती जा...............(नील कमल)

2 comments:

डॉ. अजीत कुमार said...

रश्मि जी, आपके सारे गीत मैं सुन तो लूँगा पर ये गीत सुनना मेरे बस का नहीं. विदाई का ये गीत मुझे काफ़ी भावुक कर देता है.

Udan Tashtari said...

यह गीत सुनाकर भावुक कर दिया.