Monday, September 8, 2008

घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही..............(पापा कहते है)

1 comment:

Anonymous said...

ये भी अजीब इत्तेफ़ाक है, रोज़ाना घरसे ही निकलते हैं और ऐसे बहुत से घर हैं जिनमे कुछ खिडकीयां खुली और कुछ बंद होती हैं। गाना तो बहुत प्यारा है ना