Wednesday, July 16, 2008

ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही है तुम्हें............

4 comments:

Udan Tashtari said...

Mera pasandida geet. Aabhar.

राकेश खंडेलवाल said...

यादों के झरोखों को फिर से खोलने का शुक्रिया

कामोद Kaamod said...

वाह वाह
पुरानी यादें ताज़ा कर दी आपने.

भास्कर रौशन said...

शुक्रिया, आपने मेरी चाहत पूरी कर दी. ये गीत मुझे बहुत पसंद है. अब मैं एक और फरमाइश रखता हूं, गुमराह फिल्म का एक गाना है साहिर जी ने लिखा है...
'आप आए तो ख्याले दिले नाशाद आया.....'
अगर संभव हो तो कृपया.....
सधन्यवाद